[upd] | Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi
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बिहार और उड़ीसा लोक मांग पुनर्प्राप्ति अधिनियम, 1914, राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण विधि है जो राजस्व और करों की वसूली में आसानी प्रदान करती है। यह कानून सरकारी खजाने की सुरक्षा के लिए बनाया गया है और आज भी बिहार तथा ओडिशा में भू-राजस्व और अन्य सरकारी बकायों की वसूली के लिए प्रभावी है। This public link is valid for 7 days
यदि आपत्ति खारिज हो जाती है या देनदार राशि नहीं चुकाता, तो धारा 13 और इसके बाद के प्रावधानों के तहत निम्नलिखित तरीकों से वसूली की जा सकती है: Can’t copy the link right now
- पटना हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि को-ऑपरेटिव सोसाइटी का कर्ज भी एक्ट के तहत वसूला जा सकता है। their policies apply.
प्रमाणपत्र की राशि न चुकाने पर, अधिकारी निम्नलिखित तरीकों से वसूली कर सकता है:
यदि आपको अधिनियम का मूल अंग्रेजी पाठ चाहिए, तो यह सबसे अच्छा विकल्प है।
नोटिस मिलने के बाद ऋणी को अपनी बात रखने का मौका मिलता है। के तहत, ऋणी नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र अधिकारी के समक्ष एक याचिका (Petition) दायर कर सकता है, जिसमें वह बता सकता है कि वह इस कर्ज के लिए पूरी तरह या आंशिक रूप से जिम्मेदार क्यों नहीं है।